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ISSN : 2231-4989

:: किसी भी भाषा के सर्वांगपूर्ण व्याकरण में उस भाषा के रूपांतरों और प्रयोगों का इतिहास लिखना आवश्यक है। - कामता प्रसाद गुरू (हिंदी व्याकरण, पृष्ठ-7) - ::

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वैदर्भिय बोली का काल, पक्ष एवं वृत्ति - स्वप्निल डी. मून

वैदर्भिय बोली का काल, पक्ष एवं वृत्ति -  स्वप्निल डी. मून

भाषा में संरचना की दृष्टी से वाक्य सबसे बड़ी इकाई है और वाक्य की प्रमुख इकाई क्रिया। क्रिया वाक्य में केंद्रीय घटक होती है जो पूरी वाक्य संरचना को नियंत्रित करती है। वास्तव में क्रिया ही भाषिक व्यवहार का केंद्र बिंदु होती है। क्रिया के बिना वाक्य अधूरा रहता है, अर्थात् क्रिया विहीन वाक्य की कल्पना नहीं की जा सकती। सामान्य वाक्य के सारे पद क्रिया से संबंधित होते हैं, किंतु वाक्य में क्रिया का संबंध काल, पक्ष, वाच्य एवं वृति जैसी व्याकरणिक कोटियों से निकट का होता है।

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