ISSN : 2231-4989

आलेख


अंतरप्रतीकात्मक अनुवाद की संकेतवैज्ञानिक पृष्ठभूमि -मेघा आचार्य 

अंतरप्रतीकात्मक अनुवाद की संकेतवैज्ञानिक पृष्ठभूमि -मेघा आचार्य 

सारांश

अंतरप्रतीकात्मक अनुवाद में स्रोत पाठ की व्यवस्था का आधार भाषा है; लेकिन लक्ष्य पाठ भाषिकेतर-व्यवस्था की अपेक्षा अर्थात अंतरप्रतीकात्मक अनुवाद, अनुवाद के सृजनात्मक

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शोध


हिंदी-मराठी में काल संरचना: व्यतिरेकी अध्ययन – प्रफुल्ल मेश्राम

हिंदी-मराठी में काल संरचना: व्यतिरेकी अध्ययन – प्रफुल्ल मेश्राम

सारांश- भाषावैज्ञानिक दृष्टी से वाक्य भाषा की सबसे बड़ी इकाई है। क्रिया वाक्य का केन्द्रीय घटक होती है जो संपूर्ण वाक्य को नियंत्रित करने का कार्य करती है। क्रिया-पदबंध एक गुंफित सं

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News: >>प्रकाशकीय नीति>>संकटग्रस्त भाषाओं के सर्वेक्षण का काम शुरू>> हेलो शब्द कहाँ से आया? >>देश की भाषाओं के लिए नई ऊर्जा से काम करने की आवश्यकता है